दोस्ती खोना किसी रोमांटिक ब्रेकअप जितना ही दर्द दे सकता है, लेकिन इसके लिए शायद ही कोई तय स्क्रिप्ट होती है। कोई कार्ड नहीं भेजता, सालगिरह पर हालचाल नहीं पूछता, या यह उम्मीद नहीं करता कि आप किसी ऐसे दोस्त के लिए शोक मनाने को छुट्टी लें जिससे आपकी दूरी बढ़ गई हो या जिससे आपका झगड़ा हो गया हो। चाहे यह एक कठिन बातचीत में खत्म हुआ हो या महीनों तक अनुत्तरित संदेशों के साथ धीरे-धीरे फीका पड़ा हो, यह हानि वास्तविक है, और आपका शोक भी वास्तविक है।
आज आज़माने के लिए कुछ चीज़ें
- अपने आप को इस हानि का शोक मनाने की अनुमति दें, सिर्फ इसलिए इसे कम मत आँकिए कि "यह तो सिर्फ एक दोस्त था।" किसी ऐसे व्यक्ति को खोना जो आपका इतिहास, आपकी आदतें, और आपके अंदरूनी मज़ाक जानता था, एक वास्तविक हानि है, और इसे महसूस करने के लिए वास्तविक जगह मिलनी चाहिए।
- देखें कि क्या आप बार-बार अंत को दोहराकर सोचने में उलझे हुए हैं, उस एक चीज़ की खोज में जो सब कुछ ठीक कर देती। कुछ दोस्तियां किसी की गलती की वजह से नहीं, बल्कि अलग-अलग दिशाओं में बढ़ने या जीवन के अलग-अलग चरणों से अलग-अलग गति से गुज़रने की वजह से खत्म होती हैं।
- इस एक दोस्ती की जगह तुरंत किसी और को लाने की कोशिश करने के बजाय, अपने जीवन में मौजूद किसी से संपर्क करें, चाहे संक्षिप्त रूप में ही हो। जुड़ाव की भावना को फिर से बनाना अक्सर अपने आसपास मौजूद लोगों के ज़रिए, नए सिरे से शुरुआत करने से कहीं ज़्यादा आसान होता है।
अधिक जानकारी के लिए कहाँ जाएं
- जागरण (Jagran) - एक प्रमुख हिंदी समाचार पत्र का लेख, जिसमें चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट नम्रता सिंह दोस्ती टूटने के बाद खुद को भावनात्मक रूप से संभालने के व्यावहारिक तरीके बताती हैं।
- हेल्थशॉट्स (HealthShots) - रिलेशनशिप एक्सपर्ट ऋषि माथुर की सलाह पर आधारित, दोस्ती टूटने के दुख से उबरने के लिए तीन व्यावहारिक सुझाव।
- HelpGuide.org - शोक और हानि से निपटने पर गैर-लाभकारी लेख।
ये सामान्य शुरुआती बिंदु हैं, न कि निदान या पूर्ण उपचार योजना।